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उरी हमला..जंग का आगाज

                
                                                         
                            सोये हुए वीर जवानो को
                                                                 
                            
उन गददारो ने मारा था
जिस देश पर नजर थी उनकी
वो देश हमारा था ।
जिन माताओ की कोख उजडी थी
दिल उनके दलेर थे
जो शहीद हुए जवान हमारे
वो उन माताओं के शेर थे ।

जिसकी बहन विधवा हुई थी
उस वीर के अंदर यह जनून था
कहा हम लेगें बदला, उन जवानों का
जिनका बहा उरी में खून था ।

एक सलाहकार भी हमारा शेर था
आधी रात के अंदर सारा आंतक ढेर था
हर भारतीय का खून तब खोला था
जब कुछ वतनपरस्तो ने कायर हमें बोला था

हमारी वायु सेना से सारा लश्कर डोला था ।
खाक ही मिली उसे खाने को
मुँह उसनें जब जब खोला था
हमें उन देशभक्तों पर भी मान है
बताया जिन्होंने यह नया हिन्दुस्तान है ।

सुनील सिंह (हैप्पी), गांव .सितरयाला ,ज्योडिया
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4 वर्ष पहले

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