माँ तो है,
ममता की मूरत,
कितनी प्यारी,
तेरी सूरत,
प्यारी माँ,
ममतामयी माँ,
छबि उनमें,
नानी की प्यारी,
माँ ने दिया,
हमें जीवन,
संस्कृति संस्कार,
दिये हमको,
वोऽऽ माँ तो है,
ममता की मूरत,
कितनी प्यारी,
तेरी सूरत,
शिक्षा का माँ ने,
पाठ पढ़ाया,
हँसना बोलना,
सिखाया माँ ने,
डाँटना डपटना,
उनका हमको,
लगता था,
शूल के जैसा,
पर छुपा उसमें,
प्यार उनका,
मान मनौअल,
ओर मनुहार,
वोऽऽ माँ तो है,
ममता की मूरत,
कितनी प्यारी,
तेरी सूरत,
समय से सोना,
समय से उठना,
सिखाया समय से,
हर काम करना,
सिखाया जो तूने माँ,
आज समझ आया,
ऐसा मेरी माँ का,
प्यार जताना,
दिया जिस माँ ने,
तुमको एक पल में,
पाला पोसा बेटा,
करना उनका सम्मान,
वोऽऽ माँ तो है,
ममता की मूरत,
कितनी प्यारी,
तेरी सूरत,
कैसी भी आये विपदा,
न घबराना उनसे तुम,
मुकाबला करना,
जीवन में तुम,
भूल से भी गर,
भूल हो जाये तुमसे,
रखना उनका मान,
क्षमा माँगना,
उनसे तुम,
ससुराल में अपने,
देना सबको सम्मान,
रखना तुम अपने,
पीहर का मान,
वोऽऽ माँ तो है,
ममता की मूरत,
कितनी प्यारी,
तेरी सूरत,
आज भी न हटतीं,
कर्तव्य से पीछे,
देतीं अपनी,
ममता की छाँव,
हो गयी अब मैं भी,
नाती पोते वाली,
आज भी डपटतीं,
थपकी देतीं प्यार की,
सीख जो माँ ने,
हमको सिखलाई,
जीवन में हमारे,
काम आज आई,
वोऽऽ माँ तो है,
ममता की मूरत,
कितनी प्यारी,
तेरी सूरत ।
- रजनी कटारे
जबलपुर (म. प्र.)
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