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बदलती हवाऐं

                
                                                         
                            लगे कि सोच हो रही है पुरानी तो,
                                                                 
                            
बदल डालिये,
नऐ जूते उठाकर रखने की चीज़ नहीं,
पहन डालिये,
चाल वक़्त की पहचान कर चाल
चलना है ज़रूरी,
बदलती हुई हवाओं को भांपकर,
सांसों को ढ़ालिये.

 
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18 घंटे पहले

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