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कोरोना - राधेश्याम संवाद

                
                                                         
                            राधेश्याम---
                                                                 
                            
जीवन हरण, अमंगल करण ओ वायरस महाराज,
देख रहा सम्पूर्ण जगत तुम्हारी लीला आज ।
तुम्हारी लीला आज सम्पूर्ण विश्व को है डराती,
तुम्हारे लक्षण हैं दिख रहे बड़े ही उत्पाती ।
आखिर लोगों ने किस गलती का परिणाम पाया,
कि विनाश करने तू इस धरती पर आया ।

कोरोना----
आप लोगों की बदौलत ही यहाँ पर हूं आया,
आपने प्रकृति से छेड़छाड़ का परिणाम है पाया ।
आधुनिकता के चक्कर में हद तोड़ दी सारी,
जिस प्रकृति का संसार रहा अब तक आभारी ।
एक बार फिर प्रकृति ने आपको चेताया है,
आपने अपनी ही गलती का अंजाम पाया है ।


अजय कुमार सैनी
लक्ष्मी नगर बिड़ला मंदिर मथुरा ( उत्तर प्रदेश )


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6 वर्ष पहले

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