तुम कहते हो कि मैं तुमसे बोलता नहीं
पहले तू अपना बर्ताव तो देख
मेरा क्या हाल पूछते हो तुम
पहले अपना हाल तो देख
तुम कहते हो कि मैं अब बात नहीं करता
पहले अपनी बातों का बवाल तो देख
मेरी बुराई करते फिर रहे हो
पहले आईना उठाकर और कमाल तो देख
जितने लगा सको लगाओ इल्ज़ाम मगर
ज़रा अपने गिरेबान में झाँक कर तो देख
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X