शब्द
शब्द समारे बोलिये शब्द के हाथ न पांव,
एक शब्द औषधि करें एक शब्द करें घाव।
करेले का पेड़ भी देता है हमें छांव,
गुलाब का पौधा भी देता है हमें घाव।
दो पैसे आने पर बढ़ जाते है मानुष तेरे भाव,
एक शब्द कहने पर थूकता है तुझ पर पूरा गांव।
एक शब्द कहने पर दबाने लग जाते हैं लोग पांव,
एक शब्द कहने पर देते हैं वहीं लोग अनेकों घाव।
एक शब्द डॉक्टर के कहने पर डूब जाता है दुःख में पूरा गांव,
एक शब्द उसी डाॅक्टर के कहने पर बढ़ जाते हैं खुशियों के भाव।
शब्द समारे बोलिये शब्द के हाथ न पांव,
एक शब्द औषधि करें एक शब्द करें घाव ।
-कृष्ण कुमार
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