है अचरज की बात, देश वो कैसे महान कहाता
जहाँ कोख में मारी जाती, ‘भावी नवजाता’
जहाँ माँ की कोख तक पहुँच गये हैं, बेटी के हत्यारे
ऐसे देश में एक बेटी, कैसे अपना भविष्य सँवारे
जो अपनी 'अजन्मी बेटी' पर ही श्रद्धा सुमन चढ़ाता
नारी सम्मान सिखाने में वो विश्व गुरु कहलाता
ऐसी क्रूरता के आगे, ममता भी है मौन हुयी
भावुकता भी नहीं पसीजे, मानवता लाचार खड़ी
जिस देश के लोगों को नहीं 'बेटी जन्म' सुहाता
है विडम्बना, उसी देश का नाम है भारत माता
नारी से ही जीवन संभव, नारी से ही पोषण
नारी का ही होता फिर भी इस समाज में शोषण
संवेदनाएं शून्य हो गयीं, शर्मसार हर नाता
ऐसे देश का भाग भला, कैसे लिखे विधाता
-डॉ राजबाला यादव
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