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होली का हुड़दंग

                
                                                         
                            फेर मचाने चले दीवाने,
                                                                 
                            
होली का हुड़दंग
ढोल, नगाड़े, ताशे, ढपली,
बाजे ढोलक, चंग

खुशबू मदमाती ले कर आती
जब भी ब्यार बसंती
मस्ती में सब बौरा जाते
जब रुत आती फागन की

रंग दिया आसमां सतरंगी
दुनिया सब रंग डाली
सब एक रंग में रंग जाते
जब आती होली मतवाली

होरी में एक होरी है
बरसाने की होरी
नंदगाव के हुरियारों पे
लट्ठ बजातीं गोरी

ऐसा त्यौहार न देखा कोई
देखे हैं बहुतेरे
रंग बिरंगा कर डाला सबको
सब हैं बने चितेरे

होली के दिन पी के ठंडाई
मति सबकी बौराई
याद है बस होली की मस्ती
सुधबुध सब बिसराई

बस एक दिन उल्लास भरा
बीते होली के संग
उदास दिलों में भी भर दे
एक पल को नयी उमंग

फेर मचाने चले दीवाने,
होली का हुड़दंग
ढोल, नगाड़े, ताशे, ढपली,
बाजे ढोलक, चंग

-डॉ राजबाला यादव


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7 वर्ष पहले

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