लोग कहते हैं इश्क़ में सुकून नहीं मिलता।
मैंने तो सारा सुकून, उसी की यादों में पाया है।
वो पास नहीं, फिर भी एहसास में रहती है।
ये कैसा रिश्ता है, जो ख्वाबों में पिरोया है।
-अर्णव
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