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कुछ कहने को था, कह नहीं पाया।

                
                                                         
                            कुछ कहने को था, कह नहीं पाया।
                                                                 
                            
लब तक आकर, फिर रह नहीं पाया।
दिल में एक अर्णव उमड़ा था।
आँखों में आकर, बह नहीं पाया।
वो पास थी, फिर भी दूर रही !
हाथ बढ़ाकर, छू नहीं पाया।
जो दर्द था, वो लफ्ज़ न बन सका।
जो प्यार था, वो कह नहीं पाया।
आज भी वो बात अधूरी है।
जो दिल ने कही, ज़ुबां कह नहीं पाया।
-अर्णव.....
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22 घंटे पहले

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