हम अपने लफ़्ज़ों को धार दे रहे हैं।
जिसनें हमें चोट दी, उसी को हम प्यार दे रहे हैं।।
लोग कहते हैं ,हम बदल गए हैं बहुत।
हम कुछ पल जीने के लिए ख़ुदा से उधार ले रहे हैं।।
-अर्णव....
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