वक़्त बदलने वाले
हर कोई तुम्हारा साथ देने नहीं आता,
कुछ लोग बस अपना वक़्त बिताने आते हैं।
कुछ पल की खुशियाँ देकर,
फिर चुपचाप चले जाते हैं।
मगर कुछ लोग ऐसे भी मिलते हैं,
जो जीवन में यूँ ही नहीं आते,
वे तुम्हारा वक़्त बिताने नहीं,
तुम्हारा वक़्त बदलने आते हैं।
उनका साथ भीड़ जैसा नहीं होता,
वे मुश्किलों में पहचान में आते हैं।
जब दुनिया हाथ छुड़ा लेती है,
तब वे हाथ थामने आते हैं।
इसलिए हर मिलने वाले को अपना मत समझना,
हर साथ चलने वाले को सच्चा मत समझना,
क्योंकि कुछ लोग कहानी का हिस्सा बनते हैं,
और कुछ लोग पूरी कहानी बदलने आते हैं।
— रजनी
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