सुंदरता का भ्रम
किसी का चेहरा न कभी सुंदर था,
न कभी हमेशा सुंदर रहेगा,
सुंदरता तो देखने वाली आँखों
और समझने वाले दिल पर निर्भर रहेगा।
जिसे कोई सुंदर कहे,
उसे कोई साधारण भी कह सकता है,
फिर अपने रूप पर इतना घमंड कैसा,
जब समय हर चेहरा बदल सकता है?
याद रखना,
चेहरा तो बस एक पड़ाव है,
सुंदरता का असली अर्थ तो
इंसान के व्यवहार में छिपा है।
— रजनी
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