इल्ज़ाम
गलत लोग गलत करके भी,
शर्मिंदा नहीं होते हैं,
अपने किए की सफाई देकर,
हर बार बेगुनाह होते हैं।
सही लोग तो अक्सर,
सिर्फ़ इल्ज़ाम से टूट जाते हैं,
क्योंकि उनके ज़मीर में सच होता है,
इसलिए झूठे आरोप भी चुभ जाते हैं।
गलत को अपनी गलती का डर नहीं,
सही को बदनामी का दर्द होता है,
दोषी बेफ़िक्र रहते हैं,
और बेगुनाह अंदर से टूट जाते हैं।
— रजनी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X