अरुणाचल हमारा था, अरुणाचल हमारा है।
जो बुरी नजर डालेगा, ओ दुश्मन हमारा है।।
तेरी मकसद कभी कामयाब ना होगी रे ड्रैगन
तुझे जो चुभ रहा है ओ हमें प्राण से प्यारा है ।।
हमने तुझको खदेड़ा है डोकलाम से पीछे
तेरा तिब्बत से भी करना अब मुंह कारा है ।।
भूल जा कल की बातें कल जैसे रहे ना हम
तेरे दश-दश पे भारी भारत का हर तारा है।।
जब हम गरजें तो सीना पर्वत का फट जाता
तेरी क्या औकात,चरण धोता सागर धारा है।।
"कलयुगी"रण से नहीं भागते हम भारतवासी
हर युग ने देखा हमारे रण का बुलंद नजारा है।।
- राज कलयुगी प्रजापति
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