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                            एक महीना
                                                                 
                            
बस है

एक एक पल
अहम है

चिंता मुझे... किस बात की?
बढ़िया जल रही है... आग अभी

चलो, थोड़ा और वक़्त...
गंवा लेते हैं 😐

सैकड़ों कविताएं...
लिख डालते हैं!

किसी को समझाना... मुमकिन... नहीं जब...

चुपचाप, करते जाएं... 'अपने मन' की हम!

जैसे ये
शौक़ का लिखना...

जैसे वो
रॉक गाने सुनना...

मुझे, कुछ कुछ
मामला समझ आया

चलो,
और ना करूं...

कीमती वक्त ज़ाया...

चुभती सुई इकट्ठा...

राहुल,
होगा बहुत...

बहकावों का बुलावा...

तू, सिर्फ़,
गिने-चुनों को जवाब देना 

तू, वरक़,
सोच-समझके इस्तेमाल करना 


.
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11 घंटे पहले

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