कभी तो ख्वाबों को...
मेरे संग होने का मन करेगा...
कभी तो मेरी ही संगत से...
मुझे बे-इंतिहा इश्क़ होगा
'आज'
जी भरके जल लूं...
'आखिरी दफा'
बेरूखी, सह लूं...
बेशुमार
तन्हाई कमानी है ✨
हमें ख़ुमार
की काट डालनी डाली है!
सख्ती और नर्मी का...
संगम होगा...
हमको भी
साफ़ मंज़र...
ख़ुदा, रहम करेगा 🙏
दो पल,
दो मिनट,
दो घंटे,
दो दिन,
दो हफ्ते,
दो महीने,
दो साल...
ज़िंदगी, सिर्फ खुद के लिए जियेंगे...
जिस जिसको भी रूठना है...
रूठ जाइये
प्यार में
हार मिली...
दिल्लगी
करते नहीं बनी
विश्वास, कोई करे...
या ना करे...
तुलना मेरी...
जितनों से होती रहे...
'मैं',
खुदके साथ हूं!
लक्ष्य के सिवा
कुछ और ना देखूं
अपने मन की...
पा के रहूंगा ज़िंदगी...
चाहे, और देर से मिले!
गुस्सा, वासना...
से दूर दूर मैं....
सिर्फ़ समझदारी, होशियारी, प्रभु की भक्ति
रूह के लिए
फिर,
प्यास के लिए...
क्या भागना अब?
आंखों में रहेगा यार,
वो और मेरे अपने हर-सू...
-राहुल
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