मां की ममता न्यारी - न्यारी
उसकी वाणी प्यारी - प्यारी
मां का आंचल करें पुकार
खो लाल तुम्हें करूं दुलार ।
तेज धूप से मुझे बचाती
मैं रोता तो चुप करवाती
भरी ठंड गोदी में बैठाकर
दे गरमाहट मुझे बुलाती ।
मैं रोऊं तो आंसू पोंछे
रोने का वह कारण पूछे
कभी खिलौनों को है सजाती
मेरी खुशियों में खुश हो जाती ।
जाने कितने पाठ कहानी बिन पुस्तक बतलाती
मैं सो जाता सुनते - सुनते पर नींद नहीं उसको है आती
मैं सारे प्रश्नों का उत्तर मां तुमसे ही पाता हूं
तुम सारे प्रश्नों का उत्तर सच्ची बात बताता हूं ।
-राहुल कुमार
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