आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

केमिस्ट्री

                
                                                         
                            इलेक्ट्रॉनो की दुनिया शैतानों की हिस्ट्री,
                                                                 
                            
नाम जिसको दिया हमने केमिस्ट्री,
सुनो मैं सुनाती हूँ इसकी कहानी,
प्रोटान हैं नाना, न्यूट्रांन हैं नानी,
अल्फा और बीटा के मामा हैं गामा,
पहनते हैं कुर्ता और पैजामा,
जल, लवण, अम्ल और क्षार,
ये केमिस्ट्री हैं शैतान,
तेरे कारण ही दुनिया मे फैल गया गम ही गम,
चाहे हाईड्रोजन बम हो या परमाणु बम,
रात-रात भर रोते रह जाते,
फिर भी तुमसे धोखा ही पाते,
कोई समझ ना पाए तेरी थ्योरी,
चाहे रदरफोर्ड हो या मैडम क्यूरी,
तुझमे केवल मिस्ट्री ही मिस्ट्री,
इसलिए तुझे कहते हैं शैतानों की हिस्ट्री.

रेखा चौहान
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर