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मेरा मकसद था तुझको पाना

                
                                                         
                            जीता रहा, मरता रहा
                                                                 
                            
जो चाहा करता रहा
हर कुछ बदलता रहा, कभी नया कभी पुराना
मैं जानता था तुझको पाऊंगा
मेरा मकसद था तुझको पाना

अभी भी तेरी भूख है,,
अभी भी तेरी प्यास है
मेरी कोशिश जारी है ,
अभी भी तेरी तलाश है
अब तो बाक़ी उम्र तेरे संग है बिताना
मै जनता था तुझको पाऊंगा
मेरा मकसद था तुझको पाना

जो तुझसे चाहा, अभी तक वो मिला नही
जिस फूल की तलाश थी वो फूल अभी खिला नही
तेरे लिए मेरा दिल कितना दीवाना है
बड़ी मुश्किल है इस दीवाने दिल को समझाना
मैं जानता था तुझको पाऊंगा
मेरा मकसद था तुझको पाना

तेरे नाम से सब मुझको जानते हैं ,
तुम मेरी पहचान हो
दिल हो, जिगर हो,हो मेरी तमन्ना
मेरे जीने की उम्मीद, तुम मेरी जान हो
तुझसे जुदा होकर हम खुद से जुदा हो जायेंगे
फिर किस काम का मेरे लिए यह जमाना
मैं जानता था तुझको पाऊंगा
मेरा मकसद था तुझको पाना
-रविन्द्र अमन
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एक घंटा पहले

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