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मै नारी हूँ, अभी हारी नहीं...

                
                                                         
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मैं नारी हूँ इसलिए कभी हारी नही हूँ, मैं एक बेटी हूँ इसलिए सपनो पर डटी हूँ,
मैं एक भार्या हूँ, इसलिए भाग्य विधाता हूँ,
मैं एक माँ हूँ, इसलिए ममता से भरी हूँ,
नारी हूँ कोई पाँव की जूती नही कि कुचल दे,
नारी हूँ कोई बंधिनि नही कि हथकड़ी लगा दे,
नारी हूँ कोई अबला नही कि जला दे,
नारी हूँ तेरे हर एक वार पर भारी हूँ, आँचल मे दूध की धरा हैं तो पल्लू मे कटार हैं,
आँखों मे ममता का सैलाब है तो रक्त मे उफान हैं,
मैं एक नारी हूँ इसलिए कभी हारी नही हूँ!
-प्रियंका सामरिया
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एक घंटा पहले

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