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जाम छलका अगर बज़्म में भूल कर।

                
                                                         
                            मुझको दिल से कभी तुम भुलाना नहीं।
                                                                 
                            
छोड़ कर गर्दिशों में भी जाना नहीं ।।

करके वादा न तोड़ोगे वादा कभी।
तोड़ कर दिल मेरा तुम सताना नहीं।।

जिंदगी खूबसूरत बहुत है सनम।
बातों बातों में इसको गंवाना नहीं।।

लत लगी हो अगर मय की तुमको सनम।
तो कभी पास साकी बुलाना नहीं।।

जाम छलका अगर बज़्म में भूल कर।
दास्तां दिल की सबको सुनाना नहीं।।
-प्रीतीश्रीवास्तव
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एक घंटा पहले

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