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‎कुछ इतने ही दूर हैं हम और तुम

                
                                                         
                            ‎‎कुछ इतने ही दूर हैं हम और तुम,
                                                                 
                            
‎जितनी चांद से सूरज की लाली है।
‎कैसे लिखूं तेरी- और मेरी कहानी,
‎तेरी ज़िंदगी का कोई पन्ना कहां खाली है।
‎तेरी दुनिया में जाने कितने मौसम हैं,
‎मेरे हिस्से में तेरी सुबह निराली है।
‎मैंने ख़ुद को तेरी राह में पाया ज़रूर,
‎पर वहां तो किसी और की रखवाली है।
‎मैंने चाहा कि तुझे अपना कहूं, फिर सोचा,
‎तेरी ख़ुशियों से बड़ी कौन-सी ख़ुशहाली है?
‎प्यार वो क्या जो किसी को रखा जाए बांध कर,
‎प्यार का मतलब तो प्यासे की प्यास बुझानी है।
‎कल अगर तेरे किसी ख़्वाब में मेरा नाम आए,
‎तो समझ लेना कि दूरी कुछ तो घटने वाली है।
‎और अगर उम्र भर फ़ासला ही रह जाए,
‎फिर भी ये चाहत कहां कम होने वाली है।
‎उसे पाने की तमन्ना अपनी जगह है "प्रिंस"
‎मगर उसकी मुस्कान सबसे बड़ी ख़ुशहाली है।
‎वो मेरी हो ये ज़रूरी तो नहीं इश्क़ के लिए,
‎उसकी दुनिया में रहे सुकून यही तो मेरी दीवाली है।
‎
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43 मिनट पहले

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