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सफर ए बेचैन तमन्ना

                
                                                         
                            मिलना बिछड़ना है खेल किस्मत का ये सच भी कभी समझ ना पाया कोई और थाम कर दिल आज दर्द कहने आए हैं
                                                                 
                            
खाकर ठोकरें बार बार चिराग़ ए दिल फिर भी हमें जलाना पड़ा है ये सोच कर अपना तुम्हें सच सारा हम कहने आए हैं
किए हैं जिसने भी रहम ओ करम तुझ पर आए उसके राह पर कांटे ही कांटे ये सच भी आज़ तुमसे हम कहने आए हैं
दिल में जो बात थी कह दिया मैने अभी अभी तुमसे अंजाम ए वफा हुआ अच्छा कब ये सच तुमसे हम कहने आए हैं
सितम ये हम हो गए तेरे और तू ना हो सका मेरा दर्द ये लगाया ना हिसाब मैने कभी और सच तुमसे हम कहने आए हैं
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9 मिनट पहले

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