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सुना है तुमने पूरी दुनिया की सैर कर ली है

                
                                                         
                            बढ़ाया फासला तुमने जब से मैं हो गया खाक गर ना हो यकीं तो दिल में उतर कर देख लो
                                                                 
                            
ऐ कश्ती के मुसाफिर बीच भंवर में आकर मैं फस गया ये तुम दरिया में उतर कर देख लो
क्या बुरा किया मंजिल पे निगाह रख दिया और ठोकर ना लगे तुझे राह का पत्थर देख लो
जानता हूं तेरे चाहने वालों की कमी नहीं इस दुनिया में एक बार तो तुम छुपे खंजर देख लो
सुना है तुमने पूरी दुनिया की सैर कर ली है पहले से गर मिले वक्त तो शहर मेरा तुम देख लो
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22 घंटे पहले

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