इसी जमीं इसी आसमां में हम सबको रहना है मैं कोई दुश्मन नहीं तुमको ये दिल ओ दिमाग से समझना है
ये मत सोचना मुश्किल में तेरे काम न आऊंगा दिल मेरा भी है आइना तुम्हें तो अब नीयत मेरी परखना है
मैं खुश हूं अपनी दुनिया और तू अपनी दुनिया में खुश फिर भी दोनो को फलसफा जिंदगी का समझना है
जो कह न सका अब तक वो कह रहा हूं लिखा जो नसीब में सह कर दोनों को इसी जहां में जीना मरना है
अपने दिल की दास्तां तुझे मैं किसी रोज़ खुल कर सुनाऊंगा मगर अभी तो दोनो को गम में जीना मरना है
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