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जी चाहता है

                
                                                         
                            जी चाहता है तुझे चांदनी से नहलाएं आज हम
                                                                 
                            
मांग तेरी चांद - सितारों से सजाएं आज हम।

सांस - सांस में भर दे प्रेम की मदिरा इस कदर
कि प्रेमामृत रस तुझे जीभर पिलाएं आज हम ।

इक बार तो लग जाओ सीने से मेरे आ जाए करार
दिल चीर कर तस्वीर आपकी दिखाएं आज हम ।

कहते हैं लोग नशा लेकर घुमते हो तुम हमेशा
नशीले नयनों में डूब शराबी कहाएं आज हम ।

तेरी प्यारी- प्यारी सूरत ने वो कमाल कर दिया
चल गया तेरा जादू दिवाने कहलाएं आज हम ।

आगोश में मेरी तुम खो जाओ जाना इस तरह
कि किसी को भी नज़र ना आ पाएं आज हम

तड़प रहा है "प्रेम" आ जाओ अब और ना सताओ
कहीं तेरी जुदाई में बेमौत ना मर जाएं आज हम ।

प्रेम बजाज

 
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4 वर्ष पहले

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