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तुम होते तो

                
                                                         
                            तुम होते तो कुछ और बात होती,
                                                                 
                            
चाँदनी में भी तेरी बात होती।
ये रातें भी हमसे कहती कुछ,
तेरी याद में फिर बरसात होती।

तुम होते तो खामोशी ना होती,
हर सांस में एक मुलाकात होती।
जो लब चुप हैं आज बरसों से,
वो तेरे एक लफ़्ज़ पे बयां कर जाते।

तुम होते तो दिल को यकीन होता,
कि मोहब्बत अब भी जिंदा है कहीं।
वक़्त चाहे जितना बदल जाए,
तू वहीं है, मैं वहीं हूँ — कुछ नहीं बदला कहीं।

तुम होते तो ये दर्द भी अपना लगता,
हर आँसू एक दुआ में ढलता।
जो टूटे हैं ख्वाब आंखों के,
तेरी पलकों में फिर से पलता।

तुम होते तो तन्हाई भी मुस्कराती,
और इस दिल को चैन आता।
मोहब्बत अगर नाम है तेरा,
तो जिक्र तेरा हर सांस में आता।

तुम होते तो सुकून होता,
हर लम्हा बस तेरा जुनून होता।
जाने क्यों ये दिल कहता है बार-बार,
तुम होते... तो कुछ और ही फ़साना होता।
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एक वर्ष पहले

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