हमारा तन-मन मिट्टी का गुणगान करता है
यही वह भूमि जिस पर अभिमान करता है
जहाँ का हर बच्चा देश की सेवा करता है
मॉ भारती के आँचल की रक्षा करता है
कभी भी हम भारतीय डरते नहीं मौत से
सिहर जाते दुश्मन सारे हमारे खौफ से
तीन रंगीन कपडा नहीं ये हमारी शान है
लहराता हुआ तिरंगा हमारा स्वाभिमान है
नदियाँ, सागर, हिमालय हिन्द की जान है
गगन चूमता रंगों से रंगा अपना हिन्दुस्तान है
मेरा तुम्हारा सबका जीवन सफल हो जाए
देश पर मिट कर तिरंगे का कफन पा जाए
जीवन की ख़ुशनसीबी है देश के काम आना
जनता को चैन की सांस दे, वतन पर मिट जाना
शत-शत वंदन वीर तकदीर में ये मुकाम आया
ख़ुशनसीब हुआ रक्त जो देश के काम आया ।
प्रतिभा पाण्डेय "प्रति"
चेन्नई
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