ये एक खास तरह का प्यार था,
वो दिल से प्यार करता रहा,
मैं नज़र अंदाज़ करती रही उसे,
प्यार तो था लेकिन गुरुर भी था मुझे,
वक्त यूं ही गुजर गया...,
मैं आज उसका दर्द जान जान पाई हूं.
एक बार उसने रास्ता रोक लिया,
आँखों में मेरी वो देखता रहा,
मैंने नज़रें को झुका लिया कुछ सुनने को,
मैं जानती थी उस जमाने में,
"आई लव यू" कहना कितना मुश्किल था,
एक दर्द दिल में लिए वो, दूर मुझसे हो गया.
देखो आज हम दोनों ही तन्हा हैं,
हमारा प्यार अधूरा रह गया,
उसने कई भाषाओं में प्यार का इज़हार किया,
परिवार का डर मन में था,मैं कुछ ना कह पाई,
मैं आज उसकी मोहब्बत का दर्द जान पाई हूं,
मैं आज उसकी मोहब्बत का दर्द जान पाई हूं.
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