आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जब तुम आते हो,साथ शीतल छांव लाते हो

                
                                                         
                            जब तुम आते हो,साथ शीतल छांव लाते हो,
                                                                 
                            
मेरी प्रीत की दुनिया के,तुम हो एक स्नेही साथी,
जब भी पांव हैं डगमगाते ,हाथ थाम लेते हो,
मेरा सहारा बन कर तुम ,प्यारा पल बन जाते हो.

जब तुम गुनगुनाते हो,एक ग़ज़ल बन जाते हो,
मेरी जिंदगी की तुम,एक खूबसूरत सरगम हो,
मेरे ख्वाबों को तराशोगे तुम,बन कर मुकद्दर मेरा,
मेरी जिंदगी के अब,..तुम ही मेरे मन के मीत हो.

जब-जब तुम मुस्कुराते हो,मेरा प्यार बन जाते हो,
ये कैसा जादू है,आंखें देखकर तुम,मुझे पढ़ लेते हो,
दिल की धड़कन बन कर तुम, मेरे दिल में रहते हो,
ओ मेरे जीवन साथी, हाँ कह दो मेरे जीवन साथी हो,
ओ मेरे जीवन साथी, हाँ कह दो मेरे जीवन साथी हो.
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर