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तस्वीर

                
                                                         
                            तस्वीर 
                                                                 
                            

मैं ये नहीं कहूँगा कि
वो दुनिया की सबसे 
खूबसूरत लड़की है ...
न ही मैं ये कहूँगा कि 
उसकी जैसी अदाये 
किसी और लड़की में 
हो ही नहीं सकती  ...
मगर मगर मगर .....
मेरे दिल में एक तस्वीर थी 
जो सदियों से धुनधुली थी 
अब जो मैं इस लड़की को 
देखता हूँ  तो ये तस्वीर 
हल्की हल्की साफ होने लगी है 
अब जो मैं अपने दिल की तस्वीर 
और इस लड़की को साथ में देखता हूँ 
तो लगता है की ये तो वही है जिसकी 
तस्वीर सदियों से मेरे दिल में ही थी 


मैं ये नहीं कहूँगा कि 
वो दुनिया की सबसे 
खूबसूरत लड़की है .......

प्रशांत कुमार संजय*


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले

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