अभी तो मेरा हर दांव बाकी है,
बस देखना है तेरा आख़िरी पासा क्या होगा,
यूँ तो सियासत से हराने की जद में है तू मुझे .
तुझे कहाँ पता... मेरा आख़िरी इरादा क्या होगा।
-प्रमोद श्रीवास्तव साहित्य
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