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करते हैंं अपनी ही सेना पर शक

                
                                                         
                            #सर्जिकल_स्ट्राइक_पे_शक_करने_वालों_को_समर्पित
                                                                 
                            
करते हैं अपनी ही सेना पे शक,
खुदा ये कैसी पीढ़ी आई है।
धिक्कार है उनके जीवन पे,
जिनने शौर्य पे उंगली उठाई है।

मस्तिस्क में भरे ज़हर के कारण,
जिनने उनकी की रुसवाई है।
है मृत्य ही उनका जीवन,
लानत जिनपे तुमने बरसाई है।
वो लड़ें तुम्हारे दुश्मन से,
यहां आपस में तुम्हारी लड़ाई है।
तुम यकीं करो न उनका,
तुम्हारा भरोसा ही जिनकी अगवाई है।
जाते हर दीन धर्म से सैनिक,
देश की सरहद जिनकी पुरवाई है।

करते हैं अपनी सेना पे शक,
खुदा ये कैसी पीढ़ी आई है।
धिक्कार है उनके जीवन पे,
जिनने शौर्य पे उंगली उठाई है।

क्या सोच के कोसो उन बेटों को,
हर भारतवासी जिनका भाई है।
करते रक्षा भक्षक की भी,
बचा रहे जिनको उनने ही छेड़ी लड़ाई है।
पत्थरबाजों के बीचों बीच,
जिनने आतंक से आंख लड़ाई है।
है ठनी मौत से जिनकी,
शहादत ही जिनकी शहनाई है।
उनपर शक करते तुमने,
थू है गर इज़्ज़त शोहरत पाई है।

करते हैं अपनी सेना पे शक,
खुदा ये कैसी पीढ़ी आई है।
धिक्कार है उनके जीवन पे,
जिनने शौर्य पे उंगली उठाई है।


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7 वर्ष पहले

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