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मेरे अल्फाज़

देश के सैनिक

Pradyuman sharma

4 कविताएं

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इन बहकती हवाओं में कुछ भी नहीं
अपने भारत से बढ़कर ये कुछ भी नहीं
सरहदों पर खड़े हैं जो प्रहरी बने
इनसे बढ़कर हमारे लिए कुछ भी नहीं
इनके होने से भारत की एक शान हैं
इनके होने से भारत की पहचान हैं
जब भी दुश्मन खड़े हो देश के सामने
इनके होने से दुश्मन भी बेकार है


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