जन्माष्टमी जगाती है
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की
मधुर छवियों को
मन में हमारे
लेकिन कुरुक्षेत्र के मैदान में
अर्जुन को दिया गया
गंभीर ज्ञान और दर्शन भी
करता है बखान
श्रीकृष्ण की महिमा का
गीता के माध्यम से
श्रीकृष्ण ने समझाया था
हमें नियम
कर्म और उसके फल का
जब बुद्धि हो हमारी
भ्रमित
जीवन में हमारे
आएं कठिनाइयां
जब हो मन हमारा अकेला
और जब ह्रदय करे हमारा
प्रेम की तलाश
तो ऐसे में करना चाहिए याद
श्रीकृष्ण को हमें
केवल मंदिरों में ही नहीं
बल्कि अपने विचारों, कर्मों, संबंधों
और ह्रदय में देना चाहिए स्थान
श्रीकृष्ण को हमें।
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