कई बार लोग
किसी के द्वारा
दिए गए मार्गदर्शन को
देखने लगते हैं
संदेह की दृष्टि से
बाज दफा तो
मार्गदर्शन देने वाले को
समझ लिया जाता है
अहंकारी भी
लेकिन सजग और संवेदनशील
लोग
बुरा न मानकर
इस बात का
लगे रहते हैं
दूसरों को सचेत करने
उनका मार्गदर्शन करने में
ठीक उसी तरह
जिस तरह कि
सड़क पर मरम्मत का काम
चलते वक़्त
बोर्ड लगाया जाता है
यह लिखकर कि
'खतरा है आगे'
असल में
लोगों को सही मार्ग
दिखाना
उन्हें सही दिशा में
प्रेरित करना
है एक महत्वपूर्ण
मानवीय दायित्व
इस दायित्व को पूरा करने
में ही है
जीवन का सही महत्व।
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