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होता नहीं शिक्षण कर्म का कोई ओर या छोर

                
                                                         
                            एक सच्चा शिक्षक
                                                                 
                            
केवल पढ़ाता नहीं अक्षर
ज्ञान ही देता नहीं हमें
बल्कि जीवन जीने का देता है
विवेक हमें
भले ही आधुनिक इमारतें
करती हैं देश को
भव्यता प्रदान
नई तकनीक देती है
देश को गति
मज़बूत अर्थव्यवस्ताह
बनाती है
देश को समृद्ध
लेकिन एक महान शिक्षक
करता है तैयार
वह ठोस नींव
इन सभी साधनों का जो
सही, मानवीय उपयोग
करना सिखाकर
ले जाता है
राष्ट्र को आगे
सही दिशा की ओर
इसलिए कहा गया है
कि शिक्षण कर्म का
होता नहीं
कोई और या छोर।
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6 घंटे पहले

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