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गंभीरता से चाहिए सोचना हम सबको

                
                                                         
                            पर्यावरण को बचाने के लिए
                                                                 
                            
करते हैं
पेड़ों को काटने से बचाने की
पैरोकारी हम
लेकिन पशु-पक्षिओं को
कटने से बचाने की पैरोकारी
कितने करते हैं हम ?
असल में
पशु-पक्षियों से
भोजन प्राप्त करने के चक्कर में
करते हैं हम हिंसा उन पर
लेकिन भूल जाते हैं हम
कि होती है पैदा
हिंसा से हिंसा ही
हिंसा करके कभी भी
सिखाई नहीं जा सकती
अहिंसा
हिंसा से हम पहुंचाते हैं
नुकसान
खुद को ही
यही सच है
इसलिए पशु-पक्षियों से
भोजन पाप्त करने को
बेशक रोक न पाएं हम
लेकिन इसमें लानी चाहिए कमी
ज़रूए हमको
इस बारे में चाहिए सोचना
गंभीरता से हम सबको।
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21 घंटे पहले

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