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विश्व कप क्रिकेट 2011 विषय प्रवेश भाग 2

                
                                                         
                            1987 में विश्व कप इंग्लैंड से बाहर आया,
                                                                 
                            
भारत - पाक मेजबानी का भार संभाला।
यहां भिड़े फाइनल में इंग्लैंड - ऑस्ट्रेलिया,
सात रन से विजयी रहा यहां आस्ट्रेलिया।।

1992 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया पहुंचा,
उनतालीस मैच और एक टीम बढ़ा।
ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड बड़े रण स्थल,
पूरी तरह रहा आयोजन सफल।।

फाइनल में पहुंचे पाकिस्तान- इंगलैंड,
दोनों के लिए था अवसर समान।
अभी तक दोनों को थी दरकार,
चखे विश्व कप फाइनल का विजय स्वाद।।

पाकिस्तान ने यहां रच दिया इतिहास,
इंग्लैंड नहीं फटक सका आस ~ पास।
सत्ताइस रन से इंगलैंड को धो दिया,
विश्व कप पर पहली बार कब्ज़ा किया।।

विश्व कप 1996 पुनः एशिया में आया,
भारत,पाक, श्री लंका प्रायोजक देश बना।
कुल बारह टीमें, सत्ताइस था मैच हुआ,
अब तक का सबसे बड़ा विश्व कप बना।।

फाइनल में पहुंचे ऑस्ट्रेलिया ~ श्रीलंका,
अब तक जीत हार का फैसला रन से हुआ।
पर यहां पर फैसला विकेटों से हुआ,
जब श्री लंका ने सात विकेट से हरा दिया।।

विश्व कप 1999, बारह टीमें, बयालिस मैच,
पुनः लड़ाई का मैदान बना इंगलैंड।
ऑस्ट्रेलिया ~ पाकिस्तान पहुंचे थे फाइनल,
आठ विकेट से ऑस्ट्रेलिया जीता फाइनल।।

हालैंड, श्रीलंका, जिंबाब्वे, ऑस्ट्रेलिया,
इंग्लैंड, अफ्रीका, वेस्टइंडीज, नामिबिया।
बांग्लादेश, पाकिस्तान, इंडिया,
न्यूजीलैंड, कनाडा और केन्या।।

नए वर्ष में चले लेने,
विश्व कप में भाग।
सभी टीमें पहुंची अफ्रीका,
लिए नए ~ नए सब आस।।

जल्दी ही नियत तिथि भी आई,
उद्घाटन मैच दक्षिण अफ्रीका ने गंवाई।
पहले ही मैच में जो हुआ उलटफेर,
सुपर 6 में नहीं पहुंच सका अफ्रीकन शेर।।

भारत का क्या कहना?
बड़ी विचित्र रही यह टीम।
पहले ही मैच में हालैंड से,
मुश्किल से पाए जीत।।

अगले ही मैच में,
ऑस्ट्रेलिया से मुंह की खाई।
मुंह की क्या खाई,
देश की जनता पागल हुई।।

जबरदस्त गुस्से में मचाई,
तोड़ फोड़ चहुं ओर।
क्रिकेटरों के मकानों, महलों को,
बनाया निशाना, अपना आपा खोय।।

गांगुली ने सचिन को दिया,
ओपनिंग की बागडोर।
जिंबाब्वे से जीते विश्वास पूर्वक,
सम्मान मिला फिर चहुं ओर।।

नवांगतुक नामिबिया पर,
आसान जीत दर्ज की।
सुपर सिक्स में पहुंचने की,
दावेदारी अपनी मजबूत की।।

इंगलैंड पर नेहरा का,
जादू चला ऐसा।
पूरी टीम में उत्साह जगा,
एक तूफान जैसा।।

अब आई चिरपरिचित बारी,
पाक से करने दो दो हाथ।
किसी फाइनल से कम,
नहीं था लीग मैच में मुलाकात।।

कारगिल में जीते हैं,
यहां भी हम ही जीतेंगे।
पहले तीनों में हरा चुके हैं,
हम यहां भी हराएंगे।।
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2 वर्ष पहले

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