हुआ एक रोमांचक मुकाबला,
किसे कहें उन्नीस, किसे कहें बीस।
हार जीत का हो न सके फैसला,
दोनों रह गए बस! दांतें पीस।।
टॉस जीत भारत ने लिया फैसला,
सबसे पहले बैटिंग करने वह उतरा।
नया रिकॉर्ड करने को आतुर था भारत,
बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रहा था भारत।।
सचिन शेर का बल्ला गरजा,
गेंदबाजों में फिर हड़कंप मचा।
मैच में सर्वाधिक पांच छक्का पड़ा,
विश्व कप में पांचवा शतक बनाया।।
एकदिवसीय मैच में सैंतालिसवां शतक,
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंठनाबेवां शतक।
दो कदम दूर बस शतकों का शतक,
क्रिकेट जगत का होगा यह अनोखा शतक।।
युवराज, गौतम, सहवाग ने,
मिल अच्छा सा साथ निभाया।
305 पर जो मात्र 4 विकेट था,
338 पर ऑल आउट हो गया।।
मात्र तैतीस रन जोड़ने में भारत ने,
बेशकीमती छः विकेट है गंवाए।
पूरे 50 ओवर खेल भी नहीं पाए,
1 गेंद शेष रहते सारे विकेट गंवाए।
अब आई इंग्लैंड की बारी,
कम नहीं 339 रन, लक्ष्य था भारी।
इंग्लैंड खेमे में मची खलबली,
कैसे दुश्मन को देवें पटखनी?
एंड्रयू स्ट्रॉस ने जमकर ली टक्कर,
कैरियर का किया प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ।
148 गेंदों में बना दिए 158 रन,
मैच के बने वह मैन ऑफ द मैच।।
सबसे बड़ा लक्ष्य लेकर,
बढ़ रहे थे विश्वास पूर्वक।
भारतीय खेमे में छाई मूर्छनी,
हर चालें हो रही थी बेकार।।
तभी बीच में एक झोंका आया,
जहीर के हाथ फिर गेंद आया।
मात्र छः गेंदों में तीन विकेट झटका,
विश्वकप में बड़े लक्ष्य को पाने से रोका।।
हाथ से फिसल रहे इस मैच में,
जहीर खान ने की जबरदस्त वापसी।
भारतीय टीम में नई स्फूर्ति आई,
मुरझाए चेहरे पर फिर रौनक आई।।
बारह गेंदों में उनत्तीस रन की दरकार,
तीन छक्के भी नहीं आए यहां काम।
चौथी बार विश्व कप में मैच हुआ बराबर,
एक एक अंक फिर दोनों ने लिए बांट।।
339 का लक्ष्य कोई कम नहीं था,
पर हौसला बुलंद इंग्लैंड का भी था।
बिना हिचक लक्ष्य का पीछा किया,
हार नहीं बराबरी को गले लगाया।।
अब तक के विश्व कप में मैच में,
चौथी बार घट रही ऐसी घटना।
जय और पराजय का इच्छित स्वाद,
जब दोनों पक्ष नहीं चख सका।।
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