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पुलवामा

                
                                                         
                            पुलवामा हमले को हम और राष्ट्र कैसे भूल सकते हैं,
                                                                 
                            
उस पाकिस्तान की गद्दारी को हम कैसे भूल सकते हैं।
बस पर सवार जवानों पर वार करने वाले कायर,चौगले,
आदिल अहमद डार हत्यारे,तुम्हें हम कैसे भूल सकते हैं।।

भूल नहीं सकता है भारत हे लाल तेरी कुर्बानी को,
भूल नहीं सकता है भारत मां की आंख से बहते पानी को।
भूल नहीं सकता है भारत तेरे वीरता और पराक्रम को,
भूल नहीं सकता है भारत शहीदों की अमर कहानी को।।

तेरी वीरता की गाथा को लिखना बस की बात नहीं है,
तेरे सामने भिड़ जाए दुश्मन,ये दुश्मन की औकात नहीं है।
तेरे चाल की आहट पाते ही जब दुश्मन ही थर्राता हो,
सोते हुए कायरो पर, कभी वीर करते आघात नहीं है।।

वीर सपूतों को यह राष्ट्र समर्पित श्रद्धांजलि करता है,
बलिदान तुम्हारा व्यर्थ नहीं गया राष्ट्र अभिमान करता है।
उन कायरो को उन्हीं की भाषा में राष्ट्र ने पाठ पढ़ाया है,
बारम्बार भारत देश आपका वंदन व अभिनंदन करता है।।

मातृभूमि की रक्षा के खातिर तूने अपने प्राण गंवाए थे,
दुश्मन को दुश्मन की भाषा में ही दुश्मन को समझाए थे।
सो गए थे धरा पर मां का आंचल पकड़ कर चिर निद्रा में,
तेरे पराक्रम,शौर्य को देखकर दुश्मन तेरे पास न आए थे।।
-प्रभात सनातनी "राज" गोंडवी
 
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एक वर्ष पहले

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