तेरी खैरियत तू पास रख ले
मुझे तो अब जंग का शौक है
बिना लड़े ही जो मैं मर जाऊं
उस जिंदगी से अच्छी तो मौत है
सांसे चलने का अहसास ही बस
किसी का जिन्दा होना नहीं होता
बिन जीए जो मुर्दा सा चला जाये
ऐसे जन्म से तो अच्छा शोक है
थाम सके न हाथ किसी गिरते को
वो हाथ खुद के जिस्म पर बोझ है
तेरी खैरियत तू पास रख ले
मुझे तो अब जंग का शौक है
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