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माँ एक तू है और एक तेरी ममता दोनों का कोई मोल नहीं

                
                                                         
                            माँ एक तू है और एक तेरी ममता
                                                                 
                            
दोनो का कोई मोल नही
तेरे प्यार को किन शब्दो में लिखूँ
तेरे से ज्यादा कुछ अनमोल नहीं।।

तू है तो रब है वरना वो भी नही
माँ तू है तो सब है वरना कोई भी नही
तेरी ममता को कैसे करूँ मै बयां
वो तो अनंत है जैसे खुला आसमां।।

माँ तुझे कैसे बताऊँ कितनी खुशी मिलती है
जब कोई बोले तेरी परछाई हूँ मै
और उस पल का तो जवाब ही नही जब तू बोलती है
तेरी जिंदगी भर की कमाई हु मैं।।

माँ आज मेरे अंदर जो हिम्मत है तुझसे ही तो मिला मुझे
उठ कर फिर चलने की सिख तूने ही तो दिया मुझे
दुसरो की खुशी मे खुश होना भी तुझसे ही सिखा मैने
माँ तुझे हँसाने पे ऐसा लगता जैसे जग जीता मैने।।

माँ एक तू है और एक तेरी ममता
दोनों का कोई मोल नही।।
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2 वर्ष पहले

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