भगवान ने भेजा है, एक प्यारा सा फरिश्ता
जिससे धरती पर है,एक बहोत प्यारा सा रिश्ता
सदियों से कायम है, उनकी निष्ठा
माँ शब्द से होती है,उनकी प्रतिष्ठा
जैसे मछली को है पाणी जरुरी
वैसे ही माँ से होती है हर बच्चे की दुनिया पूरी
जैसे नदी के बिना सागर नही मिलते
वैसे ही,माँ के बिना बच्चों के चेहरे नही खिलते
पैदा होने से पहले माँ हमें जानती
खुद से भी ज्यादा माँ हमें चाहती
डर लगा तो हमें बाहों में थामती
गलती होने पर माँ हमें प्यार से समझाती
मुश्किल हालातो में माँ हमारा मजबूत साया बनती
पहली दफा गिरकर कैसे उठना यह भी हमें सिखाती
हसता हुआ नूर माँ के चेहरे से झलकता
आशीर्वाद का भंडार माँ.के आंचल से छलकता
भगवान का परिश्ता है माँ हमें बहुत ही प्यारी
माँ ऐसी शख्स है,जो सब में है न्यारी
माँ से है जीवन में खुशिया सारी
सदा सलामत रहे माँ, यह दुआ है हमारी
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