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नीरज का भाला

                
                                                         
                            पंक में "नीरज"उपजत,
                                                                 
                            
सेना ने संवारी सीरत।
राष्ट्र गौरव बन उभरा,
ये भारत मां का लाल।

दृढ़ता का उच्च सोपान,
समर्पण की सीमा चरम।
देखो कैसे खून पसीना,
रूप बदल बनता सोना।
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2 वर्ष पहले

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