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सोच रखो सुन्दर

                
                                                         
                            मिली आपसे प्रेरणा,करती हूँ आभारI
                                                                 
                            
साथ मिला जब संत का, होता चमत्कारII

धर्म परायण रहो सदा, चित्त शुद्ध कर आजI
कर्म सुधारो तुम यहाँ,बनता सुखद समाजII

मानवता शुभ धर्म है,मिलन कर लो आजI
जाग रहा इंसान अब, दुनिया लगती साजII

सोच रखो सुंदर तभी, आते पालनहारI
रहते तेरे साथ वो मन में भर लो प्यारII

जीवन खुशियों से भरे,करते हैं आभारI
साथ रहे बस गुरु कृपा,प्रेम भाव हिय धारII
-पायल अग्रवाल 'छनक'
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3 घंटे पहले

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