और कितना करवाओगे इंतजार
अब आ भी जाओ!
पलके बिछाए बैठे हैं
ना करो हमारी तौहीन ना आकर
ऐसा भी क्या ऐतराज़
अब आ भी जाओ!
तुम कहते थे ना
मोहब्बत फिर करेंगे तुमसे
पहले बरसात तो आने दो,
लो आ गया रिमझिम सावन
अब आ भी जाओ!
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