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है मर्ज़ी तुम्हारी

                
                                                         
                            है मर्ज़ी ये तुम्हारी दिल में रक्खो या निकाल दो
                                                                 
                            
तुम्हीं ने प्यार है दिया तुम्हीं इसे जवाल दो

हमारे ज़ख़्म चंद रोज़ में ही भर भी जाएँगे
जरा सी तुम अगर यूँ ज़िन्दगी में देखभाल दो

भुला के बीती बातें अब शुरू करेंगे फिर से हम
ख़ताओं पर मिरी भी हो सके तो ख़ाक़ डाल दो

ये ज़िन्दगी नहीं मिलेगी हमको बार-बार फिर
अभी भी वक़्त है कि प्यार का ही रंग डाल दो

हो मौत से मिलन हमारा उससे पहले मिल लो तुम
नज़र के सामने भी आ के तुम कभी तो हाल दो
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40 minutes ago

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