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मेरे प्यारे बापू

                
                                                         
                            ऐसे थे मेरे प्यारे बापू,
                                                                 
                            
थे जग में सबसे न्यारे बापू ll

पर पीड़ा समझते थे वो,
दुखियों के संग रहते थे वो,
सादगी की पहचान थे बापू ,
दीन दुखियों की जान थे बापू ll

सत्य की राह पर चलते थे वो,
झूठ का कभी न दिए वो साथ,
जुल्मों को सहते गए,
हिंसा की वो किए न बात,
सत्य और अहिंसा का,
सबको पाठ पढ़ाया बापू l

ऐसे थे मेरे प्यारे बापू,
थे जग में सबसे न्यारे बापू ll

जन-जीवन पर ध्यान दिए वो,
अछूतों को सम्मान दिए वो,
ऊँच-नीच का भेद मिटाकर,
समरसता का ज्ञान दिए वो ,
सद्भाव दर्शाने वाले,
माँ भारती के संतान थे बापू l

ऐसे थे मेरे प्यारे बापू ,
थे जग में सबसे न्यारे बापू ll
-प्रभाष कुमार
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एक घंटा पहले

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